Tuesday, February 17

धरना, लाठीचार्ज और 150 पर FIR, किसानों का आर-पार का ऐलान

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोनी के मीरपुर हिंदू गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर किसानों का आंदोलन अब तीखा हो गया है। रविवार देर रात पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसके बाद कई किसानों और महिलाओं के खिलाफ 150 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। किसानों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है।

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किसानों के गंभीर आरोप

आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि पुलिस ने शांतिपूर्वक धरने पर बैठे लोगों को योजनाबद्ध तरीके से हटाया। कई किसान नेताओं को थाने ले जाया गया और बाकी लोगों को डराया-धमकाया गया। प्लांट की बिजली काट दी गई और गांव आने-जाने वाले रास्ते बंद कर दिए गए। महिलाओं को जबरन उठाने की कोशिश की गई और उन पर भी लाठियां चलीं।

किसान नेता चेतन त्यागी, मोनू त्यागी और रविन्द्र नीरज गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि प्लांट नहीं हटाया गया तो यह आंदोलन जन आंदोलन का रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी खुद लोनी आएं और समाधान करें।

करीब 10 साल पुराना विवाद

यह विवाद लगभग 10 साल पुराना है। वर्ष 2015 में मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की तैयारी शुरू हुई थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और आश्वासन दिया गया कि केवल लोनी का कचरा ही प्लांट में प्रोसेस होगा। बाद में गाजियाबाद शहर का कचरा भी आने लगा, जिससे ग्रामीण और किसान नाराज हो गए। उनका कहना है कि इससे आबोहवा खराब होगी, फसलें प्रभावित होंगी और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ेंगी। प्लांट 83 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया जा रहा है।

संगठन और राजनीतिक समर्थन

भाकियू समेत कई किसान संगठन और राजनीतिक दल आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। किसान नेता रविन्द्र सिंह ने कहा कि प्रशासन ने पहले वादा किया था कि निर्माण कार्य नहीं होगा, लेकिन उसे तोड़ा गया। किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन, हवा, पानी और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे।

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