
नई दिल्ली: जनवरी 2026 में भारत में थोक मूल्य पर आधारित महंगाई की दर (Wholesale Price Inflation) नौ महीने के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में थोक महंगाई दर बढ़कर 1.81% हो गई, जबकि दिसंबर 2025 में यह 0.83% थी।
महंगाई बढ़ने के कारण
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण धातु, अन्य तैयार माल, गैर-खाद्य वस्तुएं, खाद्य वस्तुएं और कपड़े जैसी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि है।
खाद्य महंगाई (Food Inflation) भी जनवरी में बढ़ी और 1.41% पर पहुंच गई, जबकि दिसंबर में यह स्थिर (0.00%) थी।
आगे की संभावनाएं
अर्थशास्त्रियों का अनुमान था कि थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई थोड़ी और बढ़कर 1.25% हो सकती है, जो दिसंबर 2025 की दर 0.83% से थोड़ी अधिक है।
खुदरा महंगाई में भी बढ़ोतरी
जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) भी बढ़कर 2.75% हो गई है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और कीमती धातुओं की कीमतों में इजाफे के कारण हुई है। नए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार वर्ष 2024 के पहले आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में महंगाई 2.73% और शहरी इलाकों में 2.77% रही।
