
कोटा, 14 फरवरी 2026: राजस्थान के कोटा से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर दिया। मध्य प्रदेश की 18 वर्षीय छात्रा, जो डॉक्टर बनने के सपने के साथ NEET की तैयारी के लिए कोटा आई थी, ने अपने कमरे में जहरीली वस्तु का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मौत से पहले छात्रा बार-बार कहती रही, “मुझसे गलती हो गई, मुझे बचा लो,” लेकिन नियति ने उसकी मदद से पहले ही उसे छीन लिया।
मौत से पहले का भयावह मंजर
घटना कोटा के दादाबाड़ी थाना इलाके में हुई। छात्रा ने अपने कमरे में जहरीली वस्तु निगल ली, जिससे उसे गंभीर तकलीफ हुई। जब उल्टियां शुरू हुईं और दर्द असहनीय हो गया, तो उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। शोर सुनकर मकान में रहने वाले अन्य छात्र और मकान मालिक दौड़े। छात्रों के अनुसार, वह बार-बार कह रही थी कि उसने कोई बड़ी गलती कर दी है और वह मरना नहीं चाहती। तुरंत उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पढ़ाई में थी अव्वल, परिवार में कोई तनाव नहीं
मृतका के भाई ने बताया कि बहन पढ़ाई में तनाव में नहीं थी। वह टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन कर रही थी और आत्मविश्वास में थी। घटना वाली शाम को भाई से सामान्य बातचीत भी हुई थी और वह बिल्कुल सामान्य लग रही थी। छात्रा पहले भी कोटा में कोचिंग कर चुकी थी और तीन महीने पहले फिर से तैयारी के लिए लौट आई थी।
पुलिस जांच में ‘अनसुलझे सवाल’
एसएचओ बलदेव राम ने बताया कि परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कर उन्हें सौंप दिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि अगर छात्रा पढ़ाई के तनाव में नहीं थी, तो उसने यह कदम क्यों उठाया? क्या कोई व्यक्तिगत कारण था, या अचानक कोई डर या दबाव आया? पुलिस ने छात्रा के मोबाइल फोन और कमरे की तलाशी ली है, ताकि किसी सुसाइड नोट या सुराग का पता लगाया जा सके। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे जहर की प्रकृति और मौत के पीछे की असली वजह सामने आएगी।
कोटा की कोचिंग सिटी में इस घटना ने एक बार फिर चिंता और उदासी की लहर फैला दी है।
