
हापुड़: सोशल मीडिया की दुनिया में फॉलोअर्स और लाइक्स की होड़ ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के हाजीपुर गांव के एक नाबालिग छात्र को खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। सिंभावली क्षेत्र के रहने वाले 9वीं कक्षा के छात्र ने इंस्टाग्राम पर जहर की पुड़िया के साथ वीडियो पोस्ट किया और कैप्शन में लिखा, “यह मेरी जिंदगी का आज आखिरी दिन है और आज रात के बाद मैं कभी नहीं मिलूंगा।”
वीडियो पोस्ट होने से पहले ही मेटा के कंट्रोल रूम ने इसे नोटिस किया और तुरंत पुलिस को अलर्ट भेजा। गुड़गांव पुलिस ने जांच के बाद एसपी हापुड़ को सूचना दी। सिंभावली पुलिस ने तुरंत छात्र के घर पहुंचकर उसे समझाया और उसकी जान बचाई।
पुलिस ने बताया कि छात्र ने फॉलोअर्स और व्यूज न बढ़ने पर हताश होकर यह कदम उठाया। उसने कबूल किया कि उसने ऐसा वीडियो देखा था, जिसमें अन्य छात्रों के फॉलोअर्स तेजी से बढ़ रहे थे, इसलिए उसने भी ऐसा करने की कोशिश की। पुलिस ने उसे डांटा, चेतावनी दी और भविष्य में ऐसा न करने को कहा। छात्र की काउंसलिंग के बाद उसे छोड़ दिया गया और उसका सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिया गया।
छात्र की सोशल मीडिया लत की वजह उसके पिता की कुछ साल पहले हुई मृत्यु बताई जा रही है। इसके बाद छात्र अपनी मां के फोन से सोशल मीडिया इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह लगातार फॉलोअर्स और व्यूज न बढ़ने की शिकायत करता रहा है।
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ नाबालिगों की मानसिक और सामाजिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। उन्होंने सरकार से नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त कानून बनाने और माता-पिता तथा स्कूलों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखने की सलाह दी।
यह घटना हाल ही में गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों के सुसाइड मामलों के बाद सोशल मीडिया की खतरनाक आदतों पर एक चेतावनी के रूप में सामने आई है।
