
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दोनों शूटरों को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया है। अर्जुन शर्मा शहीद कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र थे। इस हत्याकांड ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ों के दौरान पकड़ा गया। पहली मुठभेड़ रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में हुई, जबकि दूसरी कार्रवाई लालतप्पड़ क्षेत्र की एक खंडहर फैक्ट्री में की गई। मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तमंचे और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है और शूटरों को किसने सुपारी दी थी।
भाड़े के शूटरों ने की थी पूरी रेकी
पुलिस का दावा है कि जिस तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह भाड़े के शूटरों का काम है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने घटना से पहले अर्जुन शर्मा की गतिविधियों की रेकी की थी।
बताया जा रहा है कि अर्जुन शर्मा फल खरीदकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी ने मां समेत चार पर दर्ज कराया मुकदमा
इस हत्याकांड को लेकर अर्जुन शर्मा की पत्नी अभिलाषा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी तहरीर पर पुलिस ने अर्जुन की मां बीना शर्मा, उनके परिचित विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
डॉ. अजय खन्ना एसके मेमोरियल अस्पताल से जुड़े हैं और साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रदेश अध्यक्ष भी बताए जा रहे हैं।
पत्नी अभिलाषा का आरोप है कि बीना शर्मा का अन्य आरोपियों के साथ करोड़ों रुपये का लेन-देन था और इसी विवाद के कारण अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
कोर्ट तक पहुंचा था मां-बेटे का विवाद
जानकारी के अनुसार, अर्जुन शर्मा और उनकी मां बीना शर्मा के बीच लंबे समय से व्यवसाय और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद कोर्ट तक भी पहुंच चुका था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बीना शर्मा ने अर्जुन से खतरा बताते हुए कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा भी ले रखी थी।
42 करोड़ की उधारी से जुड़ा बताया जा रहा मामला
गैस एजेंसी के कर्मचारी विजय ने पुलिस को बताया कि पूरा विवाद करीब 42 करोड़ रुपये की उधारी से जुड़ा हुआ है। कर्मचारी ने विनोद उनियाल पर अर्जुन शर्मा को धमकाने के आरोप भी लगाए हैं।
कर्मचारियों के मुताबिक, बीना शर्मा और विनोद उनियाल दंपत्ति के बीच घनिष्ठ संबंध थे और बीना शर्मा ने कई बार विनोद उनियाल को मोटी रकम दी थी, जिसका अर्जुन शर्मा अक्सर विरोध करता था।
हत्या से एक दिन पहले एजेंसी में पूछताछ
कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि हत्या से ठीक एक दिन पहले बीना शर्मा एजेंसी में आई थीं और उन्होंने कर्मचारियों से यह पूछा था कि अर्जुन शर्मा सुबह खेलने कहां जाते हैं। अगले ही दिन उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटनाक्रम ने संदेह को और गहरा कर दिया है।
1986 में शहीद हुए थे कर्नल आरसी शर्मा
अर्जुन शर्मा देहरादून के इंदिरा नगर क्षेत्र में रहते थे और जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के संचालक थे। उनके पिता कर्नल आरसी शर्मा वर्ष 1986 में मेरठ में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे।
कर्नल की शहादत के बाद उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित की गई थी, जिसका संचालन बाद में अर्जुन शर्मा करने लगे। इसी संपत्ति और एजेंसी संचालन को लेकर मां-बेटे के बीच विवाद लगातार बढ़ता चला गया।
पुलिस अब साजिश की परतें खोलने में जुटी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों शूटरों को हत्या की सुपारी किसने दी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
