
पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दौरान 9 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को जानकारी दी कि अब सांसद और विधायक के फंड से भी कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई जा सकती है। यह जवाब उन्होंने विधायक सरवर आलम के तारांकित प्रश्न के दौरान दिया।
9 वर्षों से नहीं हुई समीक्षा
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विधायक सरवर आलम ने कहा कि किशनगंज और कोचाधामन में पिछले 9 वर्षों में कब्रिस्तान की घेराबंदी को लेकर कोई बैठक नहीं हुई।
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उन्होंने यह भी बताया कि संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए डीएम और एसपी की नियमित बैठकें जरूरी हैं।
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माले विधायक सौरभ ने बताया कि पालीगंज में महज एक कब्रिस्तान की घेराबंदी ही संभव हो सकी है।
सांसद और विधायक को मिला अधिकार
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एआईएमआईएम विधायक अख्तरुल इमाम ने पूरक प्रश्न पूछा कि क्या इस कार्य को विधायक और सांसद फंड से कराना संभव नहीं है।
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इस पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह अधिकार पहले से ही विधायकों और सांसदों को प्राप्त है।
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अख्तरुल इमाम ने बताया कि अक्सर इसमें अड़चन आती है, लेकिन सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस कार्य को अब दिखवाया जाएगा।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सदन में विपक्षी विधायकों ने एक सुर में सरकार से सवाल किए और नीतीश कुमार सरकार को घेरने का प्रयास किया। इस दौरान कब्रिस्तान की घेराबंदी की संवेदनशीलता और लंबित कामकाज पर ध्यान केंद्रित किया गया।
निष्कर्ष
गृह मंत्री के आश्वासन के बाद अब यह संभावना बढ़ गई है कि सांसद और विधायक फंड के माध्यम से कब्रिस्तानों की सुरक्षा और घेराबंदी के कार्य जल्द प्रभावी ढंग से किए जाएंगे, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके।
