Friday, February 6

जनरल नरवणे की किताब ने छेड़ी सियासी बहस, लोकसभा में गरमाया माहौल

नई दिल्ली: भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की ऑटोबायोग्राफी ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन इसके हवाले से लोकसभा में चर्चा और विपक्ष-सरकार के बीच गतिरोध छिड़ गया है।

This slideshow requires JavaScript.

विपक्ष ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किताब के कुछ अंशों का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल उठाए। राहुल ने बताया कि किताब में अग्निपथ योजना और चीन से जुड़े मसलों पर जो लिखा है, उस पर भी स्पष्टीकरण की आवश्यकता है। वहीं, किताब का हवाला देकर विपक्ष को सरकार पर पुराने आरोप दोहराने का मौका भी मिला।

सरकार का रुख
विपक्ष के दावों का जवाब देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि अप्रकाशित किताब के हवाले से कोई भी दावा नहीं किया जा सकता। हालांकि, यह साफ नहीं है कि किताब की रिलीज़ में देरी क्यों हुई। प्री-ऑर्डर के लिए किताब जनवरी 2024 में छपने वाली थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय से मंजूरी न मिलने के कारण रिलीज पर रोक लग गई।

किताब को लेकर अनिश्चितता
रक्षा मंत्रालय अब तक यह नहीं बता पाया कि किताब को कब और कैसे मंजूरी मिलेगी, और अगर मंजूरी नहीं दी जाएगी तो इसके बारे में लेखक और प्रकाशक को कब जानकारी दी जाएगी। इस बीच संसद में सवाल उठ रहे हैं कि 432 पन्नों की यह किताब राजनीतिक विवाद तक सीमित रहेगी या आम जनता तक पहुंचेगी।

राहुल गांधी को कैसे मिली किताब
संसद में चर्चा के दौरान यह भी सवाल उठा कि राहुल गांधी के पास किताब कैसे पहुंची। राहुल ने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया, केवल कहा कि “आप अंदाजा लगा सकते हैं।” कहा जा रहा है कि प्रिंटिंग पहले हो चुकी थी, लेकिन रिलीज़ रोक के कारण प्री-ऑर्डर कैंसल कर दिए गए।

Leave a Reply