
नई दिल्ली: शेयर बाजार में सोमवार और मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, लेकिन बुधवार को स्थिति पूरी तरह बदल गई। खासकर आईटी शेयरों में भारी बिकवाली ने निवेशकों को 1.9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान कराया। इसे आईटी सेक्टर का अब तक का सबसे खराब दिन माना जा रहा है।
आईटी शेयरों में गिरावट का असर:
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घरेलू बाजार में इन्फोसिस और एमफेसिस के शेयर 7% तक लुढ़क गए।
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एलटीआई माइंडट्री, कोफोर्ज, टीसीएस, एमफेसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में 5-6% की गिरावट रही।
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विप्रो और टेक महिंद्रा के शेयर करीब 4% तक टूट गए।
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निफ्टी आईटी इंडेक्स का कंबाइंड मार्केट कैप 30 लाख करोड़ रुपये से घटकर 28.1 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गया।
विदेशी बाजार में भी असर:
अमेरिका में नैसडैक में 1.4% की गिरावट देखने को मिली, जिससे सॉफ्टवेयर कंपनियों का मार्केट कैप 300 अरब डॉलर गिर गया। निवेशकों का डर बढ़ गया कि एआई के तेजी से उभरने से पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विसेज कंपनियों के व्यवसाय पर दबाव पड़ेगा।
एआई का बढ़ता प्रभाव:
शुक्रवार को एआई डेवलपर Anthropic ने ऑटोमैटिक लीगल वर्क के लिए नया टूल लॉन्च किया। यह टूल लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कई काम कर सकता है। इसके कारण निवेशकों ने आईटी शेयरों में अनिश्चितता देखी और बेचने का रुझान बढ़ गया।
बाजार की प्रतिक्रिया:
बीएसई में 11:25 बजे सेंसेक्स 165.64 अंक यानी 0.20% गिरकर 83,573.49 अंक पर ट्रेड कर रहा था। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को अमेरिका के साथ बनी डील की खुशी में सेंसेक्स 2,000 अंक से अधिक उछला था।
विशेषज्ञ की राय:
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक के तेजी से उभरने से पारंपरिक आईटी कंपनियों के लिए चुनौती बढ़ रही है। हालांकि, लंबी अवधि में बाजार स्थिर हो सकता है, लेकिन फिलहाल निवेशकों में बेचने का दबाव बना हुआ है।