Wednesday, February 4

‘नेताओं के बच्चे सरकारी स्कूल जाएं, तभी सुधरेंगे हालात’, रविंद्र सिंह भाटी ने विधानसभा में जमकर दहाड़े सरकारी शिक्षा की गिरती स्थिति पर शिव विधायक का तीखा हमला, नीति-निर्धारकों पर निशाना

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सदन में सरकारी शिक्षा के गिरते स्तर पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘जब तक नेताओं और रसूखदारों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक स्कूलों की दशा नहीं सुधरेगी।’

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नेताओं की दोहरी नीति पर भाटी का हमला

भाटी ने आरोप लगाया कि आज के नीति-निर्धारक केवल अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करते हैं और उन्हें प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि नेताओं के बच्चे उन्हीं स्कूलों में पढ़ेंगे जहां आम जनता के बच्चे बैठते हैं, तो छतों की हालत, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं की कमी रातों-रात सुधर जाएगी।

आम जनता से सरोकार का सवाल

भाटी ने जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में बढ़ते ड्रॉपआउट रेट का हवाला देते हुए कहा कि नेताओं का आम जनता के बच्चों के भविष्य से कोई सरोकार नहीं है। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में पीने का पानी, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं।

सुधार केवल कागजों तक सीमित

रविंद्र सिंह भाटी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। जनता का मानना है कि जब तक सिस्टम चलाने वालों का स्वयं का हित सरकारी संस्थाओं से जुड़ा नहीं होगा, तब तक शिक्षा सुधार केवल कागजों तक सीमित रहेगा। भाटी की इस ‘दहाड़’ ने राजस्थान की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

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