Tuesday, February 3

संभल शाही जामा मस्जिद में रमजान के दौरान लाउडस्पीकर की अनुमति की मांग

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद में रमजान के पवित्र महीने में लाउडस्पीकर लगाने की मांग को लेकर चर्चा जारी है। मस्जिद की इंतजामिया कमिटी ने इबादत को सुचारू और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन अभी तक जिलाधिकारी ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है।

This slideshow requires JavaScript.

शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली ने बताया कि रमजान का महीना 18 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान नमाज के समय इमाम की तकरीर, दुआएं और आवश्यक हिदायतें नमाजियों तक स्पष्ट रूप से पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर न होने की स्थिति में संवाद में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे इबादत की एकाग्रता प्रभावित होती है।

जफर अली ने यह भी स्पष्ट किया कि लाउडस्पीकर लगाने की मांग पूरी तरह से सरकारी नियमों और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इस मामले में किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है।

संबल शाही जामा मस्जिद को लेकर विवाद भी लंबे समय से गहरा हुआ है। कहा जाता है कि मुगल सम्राट बाबर के शासनकाल में मीर बेग ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था, जबकि कुछ हिंदू समुदाय का दावा है कि इसके पहले यहां एक मंदिर था। वर्तमान में मस्जिद पर एएसआई का नियंत्रण है, लेकिन इबादत जारी है।

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 में एएसआई के सर्वे के दौरान मस्जिद क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। उस समय जफर अली को नामजद कर जेल भेजा गया था।

जिला प्रशासन ने अभी तक मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति देने या न देने पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है, और मामला अभी विचाराधीन है।

Leave a Reply