
गाजियाबाद: गाजियाबाद में साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से बुजुर्ग सुरेश चंद्र शेखर से 23.33 लाख रुपये की ठगी की। शातिरों ने रकम को अलग-अलग आठ बैंक खातों में ट्रांसफर कराया और पैसे निकालने का प्रयास करने पर अतिरिक्त टैक्स वसूलने का झांसा दिया। ठगी का अहसास होने पर सुरेश चंद्र ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
सुरेश चंद्र ने बताया कि 25 नवंबर को प्रोफेसर प्रेम प्रकाश वर्मा ने उन्हें और अन्य लोगों को वीआईपी आठ नामक ग्रुप में जोड़ा। प्रेम प्रकाश ने दावा किया कि वह स्टॉक मैनेजमेंट पर किताब लिख रहे हैं, जो फरवरी में रिलीज होगी। 23 दिसंबर से उन्होंने ट्रेडिंग शुरू की और ग्रुप के सदस्यों को साप्ताहिक 20 से 30 प्रतिशत मुनाफे का आश्वासन दिया।
इसके बाद सुरेश चंद्र ने वांछित खातों में लगातार पैसे ट्रांसफर किए। जनवरी 2026 तक कुल 23.33 लाख रुपये भेजे गए। 22 जनवरी को उन्होंने 30 लाख रुपये के मुनाफे को निकालने का प्रयास किया, लेकिन ऐप पर अनुरोध खारिज कर दिया गया और शातिरों ने अतिरिक्त रकम देने का दबाव डाला। इस पर उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ।
एडीसीपी क्राइम, पीयूष सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और ठगी गई रकम को फ्रीज करने का प्रयास किया जा रहा है।
साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के ऑनलाइन निवेश व ट्रेडिंग ग्रुप्स में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है और किसी भी प्लेटफॉर्म पर सत्यापित और सेबी रजिस्टर्ड कंपनियों के अलावा निवेश करने से बचना चाहिए।