
जयपुर: रेल बजट 2026-27 में राजस्थान को बड़ी सौगात मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बार राजस्थान के लिए 10,228 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया गया है। यह राशि कांग्रेस शासन के दौरान मिलने वाले रेल बजट की तुलना में लगभग 15 गुना अधिक है। वर्तमान में राजस्थान में लगभग 56 हजार करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
रेल नेटवर्क में तेजी, इलेक्ट्रिफिकेशन लगभग पूरा
मंत्री वैष्णव ने कहा कि राज्य में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य अंतिम चरण में है और कुछ ही ट्रैक पर काम शेष है। इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा होने के बाद नए रेल प्रोजेक्ट और नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की जाएगी। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान से कई नई और लोकप्रिय ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है।
वंदे भारत और नई ट्रेनों का शुभारंभ
जोधपुर और बीकानेर से वंदे भारत एक्सप्रेस पहले ही शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा जैसलमेर से स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस का संचालन भी शुरू हो गया है। जोधपुर और पाली से हैदराबाद, चेन्नई और पुणे के लिए नई ट्रेन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में राजस्थान से और नई रेल सेवाओं की शुरुआत की योजना है।
जैसलमेर स्टेशन का रिडेवलपमेंट अंतिम चरण में
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ ने बताया कि रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य तेजी से चल रहा है। अगले कुछ महीनों में 10 और स्टेशनों का उद्घाटन प्रस्तावित है। जैसलमेर रेलवे स्टेशन का रिडेवलपमेंट अगले एक महीने में पूरा हो जाएगा और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।
जयपुर और गांधीनगर स्टेशन पर भी प्रगति
जयपुर रेलवे स्टेशन की सेकंड एंट्री का काम लगभग पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, गांधीनगर रेलवे स्टेशन का कॉनकोर्स निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और आगामी दो महीनों में शेष कार्य पूरे कर उद्घाटन किया जाएगा।
राजस्थान के इस रिकॉर्ड रेल बजट से राज्य के रेल तंत्र को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को और अधिक आधुनिक और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध होंगी।