
नई दिल्ली: दिल्ली में सड़कों पर अक्सर होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने आईआईटी रुड़की और आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की मदद से नई पहल शुरू की है। राजधानी की उन सड़कों पर जहां हर साल बारिश के मौसम में जलभराव की गंभीर समस्या रहती है, वहां यू-शेप स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत मॉडल टाउन, कुशाल सिनेमा रोड और माल रोड को चुना गया है। इन सड़कों के किनारे कुल 17 किलोमीटर लंबे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 122.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पांच महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, ये ड्रेन विदेशी मॉडलों की तरह प्रीकास्ट (फैक्ट्री में तैयार) होंगे। इन्हें सीधे निर्माण स्थल पर लाकर स्थापित किया जाएगा, जिससे निर्माण में समय काफी बच सकेगा। इस डिजाइन को लागू करने से पहले आईआईटी रुड़की और आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की सलाह ली गई और डिजाइन को अनुमोदित किया गया।
मॉडल टाउन-2 रोड की लंबाई लगभग 468.7 मीटर, मॉडल टाउन-3 रोड की लंबाई लगभग 2 किलोमीटर और कुशाल सिनेमा रोड की लंबाई 1.08 किलोमीटर है। इन तीन सड़कों पर ड्रेन निर्माण पर कुल 31.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसी तरह, माल रोड पर कैंप चौक से आजादपुर एच-पॉइंट तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन निर्माण का अनुमानित खर्च 44.54 करोड़ रुपये, जबकि आजादपुर एच-पॉइंट से मुकरबा चौक तक निर्माण पर 46.35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून से पहले ये ड्रेन बनकर तैयार हो जाएंगे, जिससे राजधानी में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।