
काबुल: बलूचिस्तान के 12 शहरों में हुए हालिया हमलों के बाद पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान पर आरोप लगाने की कोशिश की, लेकिन अफगानिस्तान के तालिबान ने इसे तुरंत खारिज कर दिया और पाकिस्तान की रणनीति की पोल खोल दी। तालिबान नियंत्रित हुर्रियत रेडियो ने कहा कि पाकिस्तान वर्षों से आंतरिक अस्थिरता और अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए झूठी कहानियां गढ़ता रहा है।
बशीर जेब ने पाकिस्तानी दावों की हवा निकाल दी
तालिबानी मीडिया ने बलूच अलगाववादी नेता बशीर जेब का नाम विशेष रूप से लिया। पाकिस्तान हमेशा दावा करता रहा कि जेब उत्तरी अफगानिस्तान में तालिबान के संरक्षण में है, लेकिन हालिया हमले में वह बलूचिस्तान में हमलावरों का नेतृत्व करते हुए देखा गया, जिससे स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान के दावे झूठ और मनगढ़ंत हैं।
पाकिस्तान का नियंत्रण कमजोर
तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान सरकार और उसके मीडिया संस्थान बार-बार झूठे आरोप लगाकर सत्तावादी नियंत्रण को बनाए रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह रणनीति विफल साबित हो रही है। अशांत कबायली इलाकों में सरकार का प्रभाव कम हो गया है और धार्मिक वर्गों के बीच उसकी विश्वसनीयता भी तेजी से गिर रही है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण
हुर्रियत रेडियो ने कहा कि तथ्यों के स्वतंत्र सत्यापन के इस युग में पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा जल्दी ही ध्वस्त हो जाता है। दूसरों पर दोष डालकर आंतरिक समस्याओं को छिपाया नहीं जा सकता, और हाशिए पर पड़े समुदायों के जायज अधिकारों और नाराजगी को नजरअंदाज करके स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता।
नतीजा: तालिबान ने पाकिस्तान की इस नाकाम रणनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है, जिससे उसकी आंतरिक राजनीतिक स्थिति और कमजोर होती दिख रही है।