Monday, February 2

बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी का भारत पर बड़ा बयान, कहा – सत्ता में आने पर होंगे अच्छे संबंध

ढाका: बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले पाकिस्तान समर्थक मानी जाने वाली जमात-ए-इस्लामी ने भारत के साथ अपने संभावित रिश्तों को लेकर अहम बयान दिया है। शेख हसीना की अवामी लीग पर प्रतिबंध और देश में हाल ही की राजनीतिक हलचल के बीच जमात-ए-इस्लामी इस चुनाव में प्रमुख दावेदार बनकर उभरी है।

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भारत के साथ संबंधों पर आशावाद
जमात-ए-इस्लामी के असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल और मीडिया प्रमुख अहसानुल महबूब जुबैर ने ABP लाइव से कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने की आशा रखती है। जुबैर ने कहा, “हमने कभी तानाशाह ताकतों के सामने घुटने नहीं टेके और भ्रष्टाचार में शामिल नहीं हुए। अब बांग्लादेश के लोग हमें भरोसा देने को तैयार हैं।”

चुनावी गठबंधन और प्रमुख मुद्दे
इस चुनाव में जमात-ए-इस्लामी 11 पार्टियों के बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। जुबैर ने कहा कि चुनी हुई सरकार आने पर भारत और बांग्लादेश के बीच सभी लंबित मामलों को सुलझाने की पहल होगी। उन्होंने तीस्ता और अन्य नदियों के पानी के बंटवारे और सीमा पर हत्याओं के मुद्दों को सबसे जरूरी बताया।

शेख हसीना से अलग रुख
जमात नेता ने शेख हसीना के बयानों पर चिंता जताई और कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनी हुई सरकार आने पर हसीना की गतिविधियों और प्रत्यर्पण के मामले पर नियंत्रण रखा जाएगा।

बांग्लादेश के आगामी चुनाव और जमात-ए-इस्लामी के बयान भारत-बांग्लादेश संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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