
पटना, 2 फरवरी 2026: बिहार में रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निवेश किया है। केंद्रीय बजट में पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण के लिए 17,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस कदम से दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यात्री अनुभव बेहतर होगा।
पटना के हार्डिंग पार्क में नए रेल टर्मिनल के निर्माण के लिए भी 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नया टर्मिनल तैयार होने के बाद पटना जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मिलेंगी।
बिहारवासियों की लंबे समय से मांग पर बिहटा-औरंगाबाद और नवादा-पावापुरी नई रेल लाइनों के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। नवादा-पावापुरी लाइन, जो 25.10 किलोमीटर लंबी है, जैन तीर्थस्थल पावापुरी को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
साथ ही, ‘अमृत भारत योजना’ के तहत बिहार के कई प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इसमें गया, बेगूसराय, बरौनी, दरभंगा और मधुबनी प्रमुख हैं। इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को बेहतर वेटिंग रूम, हाइजीनिक टॉयलेट्स और उच्च स्तरीय सुरक्षा जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल पर्यटन और स्थानीय व्यापार को भी सीधे लाभ पहुंचाएगी।
रेलवे विभाग का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में रेलवे का चेहरा पूरी तरह बदल जाएगा और यह राज्य की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।