
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में देश में 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया, जिसमें दिल्ली–वाराणसी रूट भी शामिल है। इस प्रस्तावित कॉरिडोर का सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है और इसके निर्माण की तैयारी तेज़ हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, इस कॉरिडोर पर दौड़ने वाली ट्रेनें लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जो बुलेट ट्रेन जैसी होगी। इससे दिल्ली और वाराणसी के बीच का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
कोच और सीटें होंगी हाईटेक
हाई स्पीड रेल पर चलने वाली ट्रेन का डिजाइन अलग होगा। कोच और सीटें आधुनिक और हाईटेक होंगी, ताकि तेज रफ्तार के बावजूद यात्रियों को आरामदायक सफर सुनिश्चित किया जा सके।
रूट और कनेक्टिविटी
दिल्ली–वाराणसी कॉरिडोर में लखनऊ और प्रयागराज को भी जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, अयोध्या को अलग से इस रूट से कनेक्ट करने पर विचार किया जा रहा है। इस कॉरिडोर का निर्माण पिलर आधारित होगा। फिलहाल जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन बजट पास होने के बाद इसका काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
यात्रा और क्षेत्रीय विकास में बड़ा योगदान
दिल्ली–वाराणसी हाई स्पीड रेल न केवल यात्रियों का समय बचाएगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगी। वाराणसी पहले से ही देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों का प्रमुख केंद्र है। हाई स्पीड ट्रेन से इस मार्ग पर आवागमन और सुविधाजनक हो जाएगा।
दिल्ली और वाराणसी की दूरी करीब 874 किलोमीटर है। नई ट्रेन के परिचालन के बाद यह सफर सिर्फ ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा, जिससे यात्रियों को समय और सुविधा दोनों मिलेंगे।