Saturday, January 31

कर्ण की राजधानी चंपानगर है आज का भागलपुर, मोहल्लों के नामों में भी छुपा इतिहास

 

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भागलपुर: बिहार का भागलपुर शहर अपनी ऐतिहासिक विरासत के लिए सदियों से प्रसिद्ध है। महाभारत के चर्चित योद्धा कर्ण से जुड़ा यह नगर पहले चंपा नगर के नाम से जाना जाता था। इतिहासकारों के अनुसार, ईसा पूर्व 5वीं सदी में अस्तित्व में आया यह शहर कभी भारत के प्रमुख नगरों में शुमार था।

इतिहास के आईने में भागलपुर

भागलपुर सिल्क नगरी के रूप में प्रसिद्ध है और इसका पौराणिक नाम भगदतपुरम था, जिसका अर्थ है – भाग्यशाली स्थल। प्राचीन काल में इसे चंपावती, मलिनी, चम्पापुरी और कला मलिनी जैसे नामों से भी जाना जाता था। अंग महाजनपद का यह क्षेत्र गंगा के मैदानी इलाके में स्थित था और भारतीय सम्राटों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इतिहास में यहां कई संघर्ष और युद्ध हुए, जिनमें वर्चस्व के लिए अनेक सेनाएं भिड़ती रहीं।

वेदों और महाकाव्यों में भागलपुर

अथर्ववेद में अंग महाजनपद का उल्लेख मिलता है। महाभारत में इसे तीर्थ स्थल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। रामायण के अनुसार, यही स्थान वह था जहां कामदेव का अंग काटा गया था। इतिहास और पुराणों के अनुसार अंग राजवंश की स्थापना राजकुमार अंग ने की थी।

मोहल्लों में बसी कहानी

भागलपुर के मोहल्लों के नाम भी इस नगर के इतिहास की झलक पेश करते हैं।

  • मोजाहिदपुर: 1576 में बादशाह अकबर के एक मुलाजिम मोजाहिद के नाम पर।
  • सिकंदरपुर: बंगाल के सुल्तान सिकंदर के नाम पर।
  • ततारपुर: अकबर के कर्मचारी तातार खान के नाम पर।
  • काजवली चक: शाहजहां के काल के मशहूर काजी काजवली के नाम पर।
  • कबीरपुर: फकीर शाह कबीर के नाम पर।
  • नरगा मोहल्ला: पुराना नाम नौगजा, जिसमें खिलजी काल के युद्ध के शहीदों की बड़ी कब्र है।
  • मंदरोजा: शाह मदार की मजार के नाम पर।
  • मंसूर गंज: अकबर के काल में शाह मंसूर के नाम पर।
  • आदमपुर और खंजरपुर: अकबर के समय दो भाई आदम बेग और खंजर बेग के नाम पर।
  • मशाकचक: अकबर के काल के मशाक बेग के नाम पर।
  • हुसैनाबाद, हुसैन गंज और मुगलपुरा: जहांगीर के समय बंगाल के गवर्नर इब्राहिम हुसैन के नाम पर।
  • बरहपुरा: सुल्तानपुर के 12 परिवारों के बसने के कारण।
  • फ़तेहपुर: 1576 में अकबर और दाऊद खान के युद्ध में अकबर की जीत के स्मरण में।
  • सूजा गंज: औरंगजेब के भाई शाह सूजा के नाम पर।
  • मुंदीचक: ख्वाजा सैयद मोईनउद्दीन बलखी के नाम पर।
  • खलीफा बाग: विद्वान जमाल उल्लाह के नाम पर।

भागलपुर के ये मोहल्ले और उनके नाम न केवल इस शहर की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बतलाते हैं कि इस नगर का इतिहास कितनी गहराई और विविधता लिए हुए है।

भागलपुर की मिट्टी में बसते हुए ये नाम आज भी पुरानी कहानियों, वीरता और सांस्कृतिक धरोहर की याद दिलाते हैं।

 

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