
जोधपुर: कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच के लिए राजस्थान पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एसआईटी की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीपी) छवि शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस ने जांच के दौरान निष्पक्षता और गहराई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
एसआईटी में बोरानाडा थाना अधिकारी शकील को भी शामिल किया गया है। तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एक साइबर विशेषज्ञ को भी टीम में रखा गया है, जो सोशल मीडिया गतिविधियों, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करेगा।
एसआईटी साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत बिगड़ने, अस्पताल में इलाज, इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप, मौत के बाद सामने आए कथित सुसाइड नोट और पूर्व में दर्ज ब्लैकमेलिंग केस से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी।
जांच में साध्वी के परिजनों, आश्रम से जुड़े लोगों, अस्पताल स्टाफ और इलाज करने वाले कंपाउंडर से भी पूछताछ शामिल होगी। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
एसआईटी अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उठे सवालों के बीच एसआईटी का गठन इस मामले की सच्चाई सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।