
लखनऊ, ब्यूरो।
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट से जेद्दा जा रही सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान भरते ही विमान के केबिन प्रेशर में गड़बड़ी सामने आई। स्थिति गंभीर होने पर पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान की आपात लैंडिंग कराई। विमान में 12 क्रू मेंबर्स समेत कुल 275 यात्री सवार थे।
उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद कॉकपिट में वॉर्निंग लाइट जल उठी। केबिन प्रेशर बढ़ने के कारण यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत और घबराहट महसूस होने लगी। हालात को भांपते हुए पायलट ने विमान को हवा में नियंत्रित रखते हुए कई चक्कर लगाए और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क कर इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
फुल इमरजेंसी घोषित, सुरक्षित उतरा विमान
फ्लाइट से इमरजेंसी सिग्नल मिलते ही लखनऊ एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई। रनवे को तत्काल खाली कराया गया और सभी आवश्यक सुरक्षा एवं मेडिकल टीमें अलर्ट कर दी गईं। उड़ान भरने को तैयार एक अन्य विमान को टैक्सी-वे पर भेजा गया, जबकि लैंडिंग के लिए आ रहे विमानों को हवा में होल्ड किया गया।
एटीसी सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट संख्या एसवी-891 दोपहर 12:05 बजे लखनऊ से रवाना हुई थी। तकनीकी गड़बड़ी सामने आने के बाद पायलट ने हवा में लगभग छह चक्कर लगाए और दोपहर 1:22 बजे विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया। विमान के जमीन पर उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।
तकनीकी जांच के बाद शाम को रवाना
आपात लैंडिंग के बाद तकनीकी टीमों ने विमान की गहन जांच की और आवश्यक सुधार कार्य किया। सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद शाम चार बजे विमान को दोबारा जेद्दा के लिए रवाना किया गया। हालांकि, इस दौरान यात्रियों में चिंता बनी रही, लेकिन पायलट दल के त्वरित और सटीक निर्णयों ने बड़े हादसे को टाल दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, केबिन प्रेशर बढ़ने से यात्रियों के ब्लड प्रेशर पर असर पड़ सकता है, कानों में तेज दर्द और ईयरड्रम फटने का खतरा भी रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय रहते सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए।