Friday, January 30

पाकिस्तान में खुलेआम घूमता दिखा लश्कर सरगना हाफिज सईद जेल में होने के सरकारी दावे पर उठे सवाल, वीडियो ने खोली पोल

 

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आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सरगना और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी हाफिज सईद एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान सरकार के इस दावे के विपरीत कि सईद जेल में बंद है, सामने आए एक वीडियो ने उसकी खुलेआम गतिविधियों की पोल खोल दी है। वीडियो में हाफिज सईद को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बेखौफ घूमते, बैठकों में हिस्सा लेते और अपने संगठन के कमांडरों से मुलाकात करते हुए देखा गया है।

 

यह वीडियो ओपन सोर्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म OsintTV ने साझा किया है। दावा किया गया है कि यह फुटेज पिछले वर्ष अक्टूबर और नवंबर के दौरान पंजाब के ओकारा क्षेत्र का है। वीडियो में सईद लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी और भर्ती कमांडर नस्र जावेद के साथ दिखाई दे रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान उसके आसपास पुलिस वर्दी में सुरक्षाकर्मी भी नजर आते हैं।

 

संयुक्त राष्ट्र से भी गुमराह कर रहा पाकिस्तान?

 

पाकिस्तान सरकार लगातार यह दावा करती रही है कि हाफिज सईद 2019 से जेल में बंद है और उसे आतंकवाद से जुड़े मामलों में 50 वर्ष से अधिक की सजा सुनाई जा चुकी है। आधिकारिक तौर पर उसे लाहौर की कोट लखपत सेंट्रल जेल में बंद बताया जाता है। इसी आधार पर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र को यह भरोसा दिलाता रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।

 

हालांकि, हाल के महीनों में सामने आए वीडियो और अन्य सबूत इन दावों को कमजोर करते नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये वीडियो प्रामाणिक हैं, तो यह पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

 

जेल के बाहर भी सक्रिय नेटवर्क

 

सूत्रों के मुताबिक, हाफिज सईद न केवल अपने आतंकी नेटवर्क को सक्रिय रखे हुए है, बल्कि उसका राजनीतिक संगठन भी जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। वह 2018 के आम चुनावों में अपनी पार्टी के जरिए हिस्सा ले चुका है और उसके परिवार के सदस्य आज भी पाकिस्तानी राजनीति में सक्रिय बताए जाते हैं।

 

भारत का मोस्ट वॉन्टेड आतंकी

 

हाफिज सईद भारत की मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादियों की सूची में शामिल है। वह 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसके अलावा उस पर पुलवामा हमले सहित कई अन्य आतंकी साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं। भारत ने कई बार पाकिस्तान से उसके प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन हर बार इस्लामाबाद ने इसे खारिज किया है।

 

ताजा वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ ईमानदार है, या फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने का खेल जारी है।

 

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