Friday, January 30

अयोध्या गैंगरेप केस में सपा नेता मोईद खान बरी, नौकर राजू को 20 साल की सजा डीएनए रिपोर्ट के आधार पर विशेष पॉक्सो अदालत का फैसला

अयोध्या। वर्ष 2024 में 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची से गैंगरेप के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान को बरी कर दिया है, जबकि उसके नौकर राजू को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह मामला सामने आने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में सियासी और सामाजिक हलचल मच गई थी।

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विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अदालत) निरुपमा विक्रम ने बुधवार को मोईद खान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया, जबकि गुरुवार को राजू को सजा सुनाई गई।

डीएनए जांच से तय हुआ दोष

मामले की सुनवाई के दौरान मोईद खान और उसके नौकर राजू दोनों का डीएनए परीक्षण कराया गया था। जांच में राजू के डीएनए नमूने का मिलान पीड़िता के गर्भ से लिए गए भ्रूण के नमूने से हो गया, जबकि मोईद खान की रिपोर्ट नेगेटिव आई। अदालत ने इसी वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर फैसला सुनाया।

मोईद खान के वकील सईद खान ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट ने अदालत के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी, जिसके बाद मोईद को बरी किया गया।

घटना स्थल को लेकर भी अभियोजन कमजोर

बचाव पक्ष की दलील के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि दुष्कर्म की घटना मोईद की बेकरी या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में नहीं, बल्कि उससे काफी दूर एक स्थान पर हुई थी। मामले में कुल 13 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। लंबी जिरह के दौरान अभियोजन पक्ष बचाव पक्ष के तर्कों का ठोस जवाब नहीं दे सका।

राजनीतिक साजिश का दावा

मोईद खान के वकील ने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया। कथित गैंगरेप वीडियो को लेकर जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में भी वीडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं हो सकी।

एक दिन बाद हुई थी गिरफ्तारी

अयोध्या पुलिस ने 30 जुलाई 2024 को, घटना सामने आने के एक दिन बाद, मोईद खान और उसके नौकर राजू को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि दोनों ने दो महीने पहले नाबालिग लड़की से दुष्कर्म किया और उसका वीडियो भी बनाया।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उठाया था मामला

इस प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में मामला उठाते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला किया था। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी।

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बेकरी पर चला था बुलडोजर

मामला दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन ने मोईद खान के बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और करीब तीन हजार वर्ग फुट में बनी बेकरी को ध्वस्त कर दिया था। पीड़िता का लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल में गर्भपात कराया गया था। इस मामले में लापरवाही के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष और एक कांस्टेबल को निलंबित भी किया गया था।

 

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