
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रह चुके अजित पवार का निधन हाल ही में हुए विमान हादसे में हुआ। इस घटना के बाद उनका एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में आ गया है, जिसे पवार ने खुद जनसभाओं में साझा किया था।
पवार ने बताया था कि 2024 में नागपुर से गढ़चिरौली के दौरान उनका हेलिकॉप्टर खराब मौसम में फंस गया था। उस समय उनके साथ देवेंद्र फडणवीस और तत्कालीन उद्योग मंत्री उदय सामंत भी मौजूद थे। हेलिकॉप्टर में उड़ान के दौरान घना बादल छाया हुआ था, और पवार खुद डर के मारे मन ही मन “पांडुरंगा, पांडुरंगा” का जाप करने लगे थे।
हेलिकॉप्टर में घबराहट
पवार ने बताया कि शुरुआत में उड़ान सामान्य थी, लेकिन बादलों में फंसते ही उन्होंने चारों तरफ सिर्फ बादल देखे। “न पेड़, न जमीन, कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। हम कहां जा रहे हैं?” – पवार ने फडणवीस से कहा।
देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें शांत करते हुए कहा, “बिल्कुल चिंता मत करो। मैंने अब तक ऐसे छह हादसे झेले हैं, मुझे कुछ नहीं हुआ। तुम्हें भी कुछ नहीं होगा।”
फडणवीस की बात ने दी राहत
फडणवीस की यह बात सुनकर पवार ने कहा कि उन्होंने मन ही मन भगवान का नाम लेना शुरू किया। इसके बाद उदय सामंत ने उन्हें जमीन दिखाई देने की सूचना दी, जिससे पवार को राहत मिली। उन्होंने हंसते हुए कहा कि फडणवीस के अनुभव और बड़ों के अच्छे कर्मों की वजह से ही वह सुरक्षित पहुँच पाए।
यह किस्सा अजित पवार के साहस और भक्ति भाव को दिखाता है, साथ ही उनके और फडणवीस के बीच के आपसी भरोसे को भी उजागर करता है।