
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन 28 जनवरी की सुबह बारामती हवाई पट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय उनके परिवार में सबसे ज्यादा सदमे में उनकी मां, आशा पवार थीं।
बारामती स्थित अपने फार्म हाउस में आशा ताई टीवी देख रही थीं। जब ब्रेकिंग न्यूज में विमान हादसे की सूचना आई, तो फार्म हाउस के स्टाफ ने तेजी से टीवी का केबल कनेक्शन काट दिया और उनके फोन को फ्लाइट मोड पर कर दिया, ताकि मां पर हादसे की जानकारी का तुरंत असर न पड़े।
बेटे की तलाश में निकलीं आशा ताई
फार्म हाउस के मैनेजर संपत धायगुडे ने बताया कि आशा ताई को खबर देने की बजाय उन्हें शांत रखने की पूरी कोशिश की गई। हालांकि, मां ने बेटे को देखने की जिद कर दी और फार्महाउस से बाहर निकल गईं। तभी उन्हें बताया गया कि अजित पवार को बारामती अस्पताल ले जाया गया है। धायगुडे ने बताया कि आशा ताई को पहले यह लगा कि बेटा केवल हल्की-फुल्की चोटिल हुआ होगा, लेकिन जैसे ही उन्हें असली हालात का पता चला, वे पूरी तरह स्तब्ध रह गईं।
पिता और बेटे का दुःख
अजित पवार ने अपने जीवन में पहले ही एक बड़ा व्यक्तिगत नुकसान सहा था। उनके पिता अनंतराव पवार का निधन 1988 में हो गया था, जब अजित काफी युवा थे। उनकी परवरिश मां आशा पवार ने अकेले की। बाद में उन्होंने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में राजनीति में कदम रखा।
अजित पवार के निधन से परिवार और महाराष्ट्र राजनीति दोनों ही स्तब्ध हैं। उनके पीछे एक बड़ा राजनीतिक और व्यक्तिगत शून्य रह गया है, जिसे भरना आसान नहीं होगा।