
मध्य प्रदेश के बैंकिंग क्षेत्र में आज यानी मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को बड़े पैमाने पर हड़ताल का असर देखने को मिलेगा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर प्रदेश के लगभग 40 हजार बैंककर्मी एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। बैंककर्मियों की मुख्य मांग है कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए।
इस हड़ताल के चलते प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटके रह सकते हैं और लाखों करोड़ रुपये के लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेशभर की बैंकों में कामकाज ठप रहेगा। चेक क्लियरेंस, नकद लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इसके अलावा, एटीएम में भी नकदी की कमी हो सकती है।
हड़ताल में शामिल बैंक
इस हड़ताल में बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया जैसी सरकारी क्षेत्र की 12 बड़ी बैंक शामिल हैं। निजी क्षेत्र की कई बैंकें भी हड़ताल में भाग लेंगी, जिससे वहां भी सेवाएं प्रभावित होंगी।
मांग का विवरण
आंदोलित बैंककर्मियों की मुख्य मांग है कि सप्ताह के सभी शनिवारों को पूर्ण अवकाश घोषित किया जाए। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी मिलती है, जबकि अन्य शनिवारों में केवल आधे दिन का अवकाश होता है।
देशव्यापी प्रभाव
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के को-ऑर्डिनेटर वी.के. शर्मा के अनुसार, देशभर में कुल 8 लाख बैंककर्मी और अधिकारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिनमें से 40 हजार कर्मचारी केवल मध्य प्रदेश से हैं।
इतिहास और पृष्ठभूमि
बैंककर्मी यह मांग लंबे समय से कर रहे हैं। 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते और 7वें जॉइंट नोट में भारतीय बैंक संघ (IBA) और केंद्र सरकार ने केवल दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश देने पर सहमति दी थी। इसके अलावा सभी अन्य शनिवारों में पूरा कार्य दिवस करने का प्रावधान लागू किया गया।
बैंकिंग सेवाओं पर इस हड़ताल का व्यापक असर रहेगा, इसलिए ग्राहकों से अनुरोध है कि वे जरूरी वित्तीय कार्यों को आज निपटाने का प्रयास पहले ही कर लें।