
नई दिल्ली: भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर अडानी ग्रुप अब देश में ही कमर्शियल एयरक्राफ्ट बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रुप की कंपनी अडानी एयरोस्पेस एंड डिफेंस ने ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के साथ समझौता किया है। यह डील भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत देश में विमान निर्माण को बढ़ावा देगी।
इस साझेदारी से रीजनल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट यानी छोटे यात्री विमान बनाने का पूरा इकोसिस्टम तैयार होगा। हालांकि, प्लेन बनाने की फैक्ट्री कहां लगेगी और पार्टनरशिप की पूरी रूपरेखा क्या होगी, यह अभी तय होना बाकी है।
यह डील केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू की मौजूदगी में नागरिक उड्डयन मंत्रालय में हुई। एयरबस और बोइंग के बाद एम्ब्रेयर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी विमान निर्माता कंपनी है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के डायरेक्टर जीत अडानी ने कहा कि जल्द ही सभी विवरण सामने आएंगे और काम शुरू कर दिया जाएगा।
पूरा एयरोस्पेस इकोसिस्टम तैयार होगा
पार्टनरशिप के तहत दोनों कंपनियां मिलकर प्लेन निर्माण, सप्लाई चेन, आफ्टरमार्केट सर्विस, MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल) और पायलट ट्रेनिंग समेत पूरा इकोसिस्टम विकसित करेंगी। एम्ब्रेयर कमर्शियल एविएशन के प्रेसिडेंट और सीईओ अर्जन मेइजर ने कहा कि भारत एम्ब्रेयर के लिए महत्वपूर्ण बाजार है और यह साझेदारी उनके एयरोस्पेस विशेषज्ञता को अडानी की औद्योगिक क्षमता और स्वदेशीकरण के लक्ष्य के साथ जोड़ती है।
नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत का विमानन बाजार तेजी से बढ़ रहा है। हवाई अड्डों का बुनियादी ढांचा तेजी से विकसित हुआ है और यात्री व माल ढुलाई में लगातार वृद्धि हो रही है।
एम्ब्रेयर की भारत में मौजूदगी
ब्राजील की यह कंपनी पहले से ही भारत में लगभग 50 विमानों का संचालन करती है, जो भारतीय वायु सेना, सरकारी एजेंसियों और क्षेत्रीय एयरलाइन स्टार एयर द्वारा उपयोग किए जाते हैं। कंपनी ने महिंद्रा ग्रुप के साथ मिलकर भारतीय वायु सेना के मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) प्रोग्राम के लिए अपने C-390 मिलेनियम सैन्य विमान का भी प्रस्ताव रखा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह साझेदारी भारत को विमान निर्माण और स्वदेशीकरण में बड़ा अवसर देगी और देश के एयरोस्पेस सेक्टर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।