
गणतंत्र दिवस समारोह में लखनऊ के अंतरिक्ष यात्री और इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को शांति काल के सर्वोच्च सैन्य सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुभांशु समेत सशस्त्र बलों के 70 कर्मियों को वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी।
शुभांशु शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं जिन्होंने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। अशोक चक्र की सूचना मिलते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल छा गया। पिता शंभु दयाल शुक्ला और मां आशा शुक्ला दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जबकि बहन शुचि मिश्रा और मौसेरे भाई आशीष दीक्षित ने इसे पूरे परिवार और शहर के लिए गर्व की बात बताया।
शुभांशु के आवास पर त्रिवेणीनगर में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। पड़ोसी हिमांशु सोनकर ने कहा कि जैसे ही टीवी पर खबर आई, लोग घर पर पहुँचने लगे, हालांकि घर बंद होने के कारण वे वापस लौट गए।
वाराणसी की प्रो. एन राजम को पद्म विभूषण
इस वर्ष पद्म पुरस्कारों की घोषणा में उत्तर प्रदेश की 11 हस्तियां शामिल हैं। वाराणसी की प्रो. एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। एन राजम वॉयलिन वादक और BHU में संगीत की प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्होंने खयाल गायकी को अंग विकसित किया और विश्वभर में प्रस्तुति दी।
उत्तर प्रदेश की अन्य हस्तियां और पद्मश्री
लखनऊ की चार हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया:
डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी – थिएटर और फिल्म कलाकार
डॉ. बुद्ध रश्मि मणि – वरिष्ठ पुरातत्वविद, ASI लखनऊ
डॉ. राजेंद्र प्रसाद – KGMU में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख
डॉ. केवल कृष्ण ठकराल – आयुर्वेदिक चिकित्सा विशेषज्ञ
इसके अलावा, वाराणसी की प्रो. मंगला कपूर, गाजीपुर के डॉ. अशोक कुमार सिंह, नोएडा के प्रवीण कुमार, मुरादाबाद के चिरंजी लाल यादव और रघुपत सिंह को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
वीरता पदक से सम्मानित यूपी के पुलिसकर्मी
गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूपी के 18 पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान किया गया। इनमें ASP, DSP, इंस्पेक्टर, SI, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल शामिल हैं।
सम्मानित हस्तियों की प्रतिक्रियाएं
डॉ. अनिल रस्तोगी ने पद्मश्री मिलने के बाद कहा कि यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि उन कलाकारों और निर्देशकों की भी है जिन्होंने मेरे साथ काम किया।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि इस पुरस्कार की खुशी उनके लिए भी है।
डॉ. बुद्ध रश्मि मणि ने कहा कि यह पुरस्कार उनके 45 साल के पुरातत्व कार्य का सम्मान है, जिसमें अयोध्या उत्खनन रिपोर्ट शामिल है।
डॉ. केवल कृष्ण ठकराल ने कहा कि यह पुरस्कार आयुर्वेदिक सर्जरी को देशभर में बढ़ावा देगा।