Sunday, January 25

टंट्या मामा मूर्ति विवाद: कांस्य की जगह फाइबर लगाई, दो इंजीनियर सस्पेंड

खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन में बहुचर्चित टंट्या मामा मूर्ति विवाद के चलते नगरीय प्रशासन और विकास विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शुक्रवार को नगर पालिका खरगोन के दो इंजीनियरों – सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेंद्र मेढ़ा – को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई टंट्या मामा भील तिराहा पर स्थापित क्रांतिकारी आदिवासी नेता टंट्या मामा की मूर्ति में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है।

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निलंबन और जांच:
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने आदेश जारी करते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों को मूर्ति स्थापना में लापरवाही और कर्तव्य में गंभीर चूक का दोषी पाया गया। उनके कृत्य सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माने गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि दोनों के विरुद्ध डिपार्टमेंटल इंक्वायरी के आदेश भी जारी किए गए हैं।

राजनीतिक और सामाजिक विवाद:
मूर्ति विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। भाजपा पार्षदों ने खुद ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पार्षदों ने कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए अल्टीमेटम जारी किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष रवि नायक ने भी 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर चक्का जाम किया जाएगा।

कांस्य की जगह फाइबर:
पार्षदों के अनुसार, नगर पालिका की पीआईसी की स्वीकृति के तहत मूर्ति स्थापना के लिए 10 लाख रुपए की राशि कांस्य या पत्थर की मूर्ति के लिए स्वीकृत की गई थी। बावजूद इसके, ठेकेदार ने कथित रूप से केवल 75 हजार से 1 लाख रुपये मूल्य की FRP (फाइबर) मूर्ति स्थापित कर दी, जो टेंडर शर्तों का उल्लंघन है।

नई मूर्ति के लिए ई-टेंडर:
विवाद के बीच नगर पालिका ने अब उचित सम्मान के साथ धातु की नई मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 19 जनवरी 2026 को नया ई-टेंडर जारी किया गया, जिसकी अंतिम तिथि 2 फरवरी है। अधिकारियों का दावा है कि 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी।

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