
नई दिल्ली: कांग्रेस हाईकमान ने राहुल गांधी और शशि थरूर के बीच चल रहे मतभेदों को सुलझाने के लिए पहल तेज कर दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, थरूर 28 जनवरी को संसद सत्र के लिए दिल्ली में होंगे, और वहीं पर दोनों नेताओं के बीच संभावित बैठक होने की उम्मीद है।
मतभेदों की वजह
यह मतभेद तब सामने आए जब थरूर ने केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की बैठक में भाग नहीं लिया। पार्टी सूत्रों ने कहा कि अगर थरूर बैठक में शामिल होते, तो राहुल गांधी सीधे उनसे मिलकर तनाव कम करने की कोशिश करते।
थरूर को हाल ही में एर्नाकुलम में आयोजित ‘महापंचायत’ में कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया था। पार्टी नेताओं को डर है कि थरूर जैसे लोकप्रिय नेता चुनावों में यूडीएफ की संभावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
पार्टी की चिंता और रणनीति
थरूर की केरल में युवाओं, पेशेवरों और मध्यम वर्ग के बीच अच्छी लोकप्रियता को देखते हुए, पार्टी हाईकमान ने राहुल गांधी के हस्तक्षेप की मांग की। मीडिया में इस मुद्दे पर बढ़ती बहस को देखते हुए, त्वरित समाधान की आवश्यकता महसूस की गई।
एक केपीसीसी पदाधिकारी ने कहा कि नाराज थरूर से तिरुवनंतपुरम में चुनाव परिणामों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए, दोनों नेताओं की बैठक को सुविधाजनक समय पर आयोजित करना जरूरी है।