
गाजियाबाद: नोएडा के सेक्टर 150 में इंजीनियर की मौत के बाद प्रशासन, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और नगर निगम अब सक्रिय हो गए हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए बेसमेंट खुदाई करने वाले बिल्डरों के खिलाफ शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। जल्द ही ऐसे सभी बिल्डरों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जिन्होंने बेसमेंट खोदकर उसे असुरक्षित छोड़ दिया है।
इंदिरापुरम के अहिंसा खंड 2 स्थित हिंदन ग्रीन वैली (एजिज ट्राइन टावर) सोसायटी के सामने एक लगभग 30 फीट गहरा गड्डा पाया गया है। यह गड्डा किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। खास बात यह है कि इस गड्डे के पास से सोसायटी का एकमात्र अस्थायी एंट्री-एग्जिट गेट संचालित हो रहा है, जिससे रोज़ाना सैकड़ों परिवारों की आवाजाही हो रही है। सोसायटी में दो टावर हैं, जिनमें लगभग 300 से अधिक परिवार रह रहे हैं, और एक प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है।
निवासियों ने हादसे की आशंका जताते हुए सीधे GDA के अध्यक्ष को शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि हिंदन ग्रीन वैली परियोजना की RERA के तहत कम्पलीशन तारीख 28 दिसंबर 2023 थी, लेकिन अब तक सोसायटी महज लगभग 60% ही पूरी हो पाई है। सुरक्षा इंतजाम और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
एजिज ट्राइन टावर के डायरेक्टर निखिल शिशोदिया का कहना है, “प्रस्तावित रास्ता खुला हुआ है और हमारी टीम वहां लगी हुई है। सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। पजेशन से पहले ही सबके संज्ञान में था कि दूसरे फेज का काम चालू रहेगा। निवासियों के लिए अतिरिक्त ओपन स्पेस भी क्रिएट किया गया है। रास्ता अस्थायी नहीं है और नक्शे में शामिल है।”
हालांकि, निवासी अशोक द्विवेदी का कहना है कि मुख्य रास्ते पर ताला लगा हुआ है। लेआउट प्लान में इंदिरापुरम साइड से दूसरा गेट स्वीकृत होने के बावजूद अब तक उसे नहीं खोला गया। बिल्डर ने अब तक GDA का शुल्क जमा नहीं किया, जिसके कारण उसे ओसी (ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट) नहीं मिला है।
निवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन तुरंत कदम नहीं उठाता है, तो किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।