
उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में वन विभाग के डीएफओ विवेक सिंह अपने कार्यशैली को लेकर विवादों में घिर गए हैं। आरोप है कि डीएफओ ने अपने कार्यालय और बंगले की पुरानी बाउंड्री तोड़कर उसे सड़क की ओर 20 से 30 फीट बढ़ा लिया, जिससे नेशनल हाईवे संकरा हो गया है और स्थानीय आबादी को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में जिला मुख्यालय के सभी 24 वार्ड पार्षदों के साथ ही भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने डीएफओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि डीएफओ ने सड़क पर अतिक्रमण किया है और सरकारी पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं की चिंता
कांग्रेस नेता और पार्षद त्रिभुवन प्रताप सिंह ने बताया कि डीएफओ ने अपने बंगले और कार्यालय की पुरानी बाउंड्री तोड़कर सड़क और फुटपाथ की ओर बढ़ा दी है। उन्होंने कहा, “यह जिला मुख्यालय है, आबादी बढ़ रही है, यातायात का दबाव भी है। डीएफओ की यह कार्रवाई उमरिया नगर के हितों के खिलाफ है।”
त्रिभुवन प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि डीएफओ मूल कार्यों जैसे बाघों की सुरक्षा, रेत और लकड़ी की चोरी रोकने पर ध्यान देने के बजाय निजी स्वार्थ में बाउंड्री का निर्माण करवा रहे हैं। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि पुराने स्थान पर ही बाउंड्री बनाई जाए और शहर की सड़कों को चौड़ा रखा जाए।
बीजेपी ने भी साधा निशाना
भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा, “डीएफओ का बंगला विलासिता का केंद्र बन गया है। मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण होने से सड़क चौड़ीकरण और भविष्य में नाली, पाइपलाइन तथा फुटपाथ निर्माण में बाधा आएगी।”
ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि सभी 24 वार्ड पार्षदों ने मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है, जिस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
कलेक्टर और मीडिया के बीच टकराव
सूत्रों के अनुसार, जिले के कलेक्टर मीडिया से संवाद करने से बच रहे हैं, जिससे मीडिया भी उनकी आलोचना कर रही है। आम जनता भी कलेक्टर के कार्यप्रणाली से नाखुश है और जिले में भ्रष्टाचार के मामलों पर चिंता जता रही है। लोग मुख्यमंत्री से मांग कर रहे हैं कि कलेक्टर को हटाया जाए ताकि प्रशासनिक कार्य कुशलता से हो और जनता को राहत मिल सके।