
भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की राजनीतिक सफलता के पीछे सिर्फ उनकी मेहनत ही नहीं, बल्कि उनका विशेष ‘बिहार कनेक्शन’ भी अहम भूमिका निभा रहा है। पांच बार के विधायक और सौम्य व्यक्तित्व वाले नबीन की यह तीव्र प्रगति पार्टी की उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें बिहार से जुड़े नेताओं को राष्ट्रीय मंच पर उतारने की परंपरा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार की धरती भाजपा के लिए ऐतिहासिक रूप से भाग्यशाली रही है और नबीन की उभरती राजनीतिक छवि इसी परंपरा को आगे ले जा रही है। उनका सौम्य व्यक्तित्व, विनम्र पृष्ठभूमि और जेनरेशन Z नेतृत्व का प्रतिनिधित्व उन्हें पार्टी के लिए एक उपयुक्त राष्ट्रीय चेहरा बनाता है।
विश्लेषकों के अनुसार, नबीन का बिहार से जुड़ाव सिर्फ राजनीतिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हाल ही में बिहार में एनडीए की जीत ने यह साबित कर दिया कि राज्य के मतदाता सूची से जुड़े गहन पुनरीक्षण और विरोधों के बावजूद पार्टी मजबूत स्थिति में है। भाजपा अब नबीन की बिहार की जड़ों का लाभ पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों में उठाने की योजना बना रही है।
राजनीतिक विश्लेषक डी.एम. दिवाकर कहते हैं, “भाजपा पश्चिम बंगाल चुनाव में नबीन के बिहार कनेक्शन का लाभ उठाने की पूरी कोशिश करेगी। बंगाल में बड़ी संख्या में प्रवासी बिहारियों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नबीन की युवा नेता वाली छवि को उजागर करके रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं को लुभाने की रणनीति अपना सकती है।
भाजपा के लिए बिहार का महत्व कोई नई बात नहीं है। 1990 के दशक की शुरुआत में लालकृष्ण आडवाणी की ‘राम रथ यात्रा’ ने बिहार में भाजपा को मजबूत राजनीतिक ताकत बनने में मदद की। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनावों में भी बिहार ने नरेंद्र मोदी के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जब एनडीए ने बिहार की 40 में से 31 सीटें जीतकर पार्टी की मजबूती को साबित किया।
पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी बिहार से ही हैं। नड्डा के नेतृत्व में भाजपा ने केंद्र और राज्यों में बड़ी जीत हासिल की। नबीन के लिए यह बिहार कनेक्शन किसी आधार से कम नहीं है, जो उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक ले गया।
नबीन की नियुक्ति भाजपा के लिए सिर्फ एक युवा चेहरे को आगे लाना नहीं, बल्कि पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में बिहार के महत्व को भी दोहराने जैसा कदम है।