Friday, January 23

पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड: 6 जनवरी को वारदात, 20 जनवरी को हॉस्टल सील – कार्रवाई में देर क्यों?

 

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल को मंगलवार (20 जनवरी 2026) को विशेष जांच दल (SIT) ने सील कर दिया। हॉस्टल को सील करने से पहले टीम ने परिसर का निरीक्षण भी किया। छात्रा 6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश पाई गई थी और 11 जनवरी को निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

 

परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद एसआईटी का गठन किया गया। अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी ने हॉस्टल का आधे घंटे तक निरीक्षण किया और पूरे परिसर को सील कर दिया। इससे पहले टीम ने छात्रा के परिजनों से जहानाबाद में मुलाकात कर मामले की जानकारी ली।

 

इस घटना के बाद पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। पुलिस ने हॉस्टल मालिक मनीष रंजन चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि छात्रा ने नींद की गोलियों का सेवन किया था। लेकिन पीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद यह सामने आया कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।

 

इस मामले में और भी चिंता की बात यह है कि ढाई हफ्ते बाद हॉस्टल को सील किया गया। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब 12 जनवरी को एफआईआर दर्ज हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई, तो हॉस्टल को तुरंत सील क्यों नहीं किया गया। ऐसा न होने से वहां मौजूद संभावित सबूतों को मिटाए जाने का जोखिम बन गया।

 

इस घटना के संदर्भ में जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी परिजनों से मुलाकात कर मामले की दोबारा जांच की मांग की। वहीं, शहर के अन्य हॉस्टलों में भी इसी तरह की घटनाओं के संकेत मिलने पर प्रशासन सतर्क हो गया है।

 

 

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