
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में महापौर और नगर निगम स्तर पर सस्पेंस बढ़ गया है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में उद्धव ठाकरे को झटका लगा है। खबर है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के तीन पार्षदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होकर पाला बदल लिया।
कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में कुल 122 सीटें हैं, जिसमें मेयर का पद पाने के लिए जादुई आंकड़ा 62 है। पिछले चुनावों में शिंदे गुट की शिवसेना ने 53 और बीजेपी ने 50 सीटें हासिल की थीं। कांग्रेस को 2 और मनसे को 5 सीटें मिली थीं। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के 11 पार्षद जीते थे और एनसीपी को 1 सीट मिली। अब तीन पार्षदों के शामिल होने से शिंदे गुट के पार्षद बढ़कर 56 हो गए हैं, जिससे उनकी स्थिति और मजबूत हुई है।
शिंदे सेना की बढ़ती ताकत:
122 सदस्यीय नगर निकाय में मेयर का पद हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों के बीच होड़ चल रही है। अब शिंदे गुट के पास बहुमत के करीब पहुंचने का अवसर है, जिससे कल्याण-डोंबिवली में सत्ता समीकरण बदल सकता है।
श्रीकांत शिंदे बनाम रवींद्र चव्हाण:
बीजेपी और शिवसेना दोनों ही महायुति के घटक हैं, लेकिन कल्याण-डोंबिवली में दोनों दलों के बीच शक्ति प्रदर्शन पहले ही शुरू हो चुका था। एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे (इस इलाके से सांसद) और रवींद्र चव्हाण (डोंबिवली विधायक) के बीच टकराव के कारण मेयर पद किसके हाथ जाएगा, यह अब सस्पेंस का विषय बन गया है।
राज्य में सीएम देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे के दौरान कल्याण-डोंबिवली में चल रही यह राजनीतिक जद्दोजहद आगामी मेयर चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकती है।