Monday, January 19

‘मैं गुहार लगाता रहा, कोई तो मेरे बेटे को बचा ले’: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत, पिता का दर्द सामने

 

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नोएडा, 19 जनवरी 2026 (राहुल पराशर) – उत्तर प्रदेश के नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने कहा, “मैं लगातार गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने मेरे बेटे की जान नहीं बचाई। मैं उसे धीरे-धीरे मौत के मुंह में समाते हुए देख रहा था।”

 

घटना सेक्टर-150 की एक सोसायटी में हुई, जहां युवराज की गाड़ी एक खुले बेसमेंट के गड्ढे में गिर गई। रात 12 बजे युवराज ने अपने पिता को फोन कर मदद की गुहार लगाई। राजकुमार मेहता ने तुरंत पुलिस विभाग में अपने रिश्तेदारों और जानकारों को सूचना दी। लगभग 35 मिनट बाद पुलिस और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन तब तक युवराज डूब चुका था।

 

रेस्क्यू में मिली कई बाधाएं

राजकुमार मेहता ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारी रस्सी डालते और खींचते रहे, लेकिन वह उनके बेटे तक नहीं पहुंची। क्रेन भी घटनास्थल तक समय पर नहीं पहुंच पाई। SDRF की टीम गाजियाबाद से रात 1:15 बजे पहुंची, लेकिन तब तक युवराज की मौत हो चुकी थी।

 

गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

इस घटना के बाद पुलिस ने एमएजे विशटाउन प्लानर लिमिटेड और लोट्स ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। मृतक के पिता ने शनिवार को अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत भी दी थी।

 

विशेषज्ञों की राय

डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट अनिल शेखावत ने कहा कि यह साफ लापरवाही है। “फायर ब्रिगेड, SDRF और प्रशासन को यह देखना होगा कि संसाधनों की कमी थी, ट्रेनिंग की कमी थी या इच्छाशक्ति की कमी।”

रिटायर्ड डीएफओ पीके श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में NDRF का ऑफिस नहीं है। इसलिए गाजियाबाद से टीम बुलानी पड़ी, जिसमें करीब 45 मिनट से एक घंटे का समय लग गया।

 

स्थानीय लोगों की चिंता

स्थानीय निवासी पहले भी इस गड्ढे को लेकर खतरे की चेतावनी दे चुके थे। कुछ दिन पहले ही यहीं एक ट्रक दुर्घटना का शिकार हुआ, लेकिन अथॉरिटी ने कोई कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद भी सोसायटी में उचित बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए।

 

अधिकारियों का बयान

नोएडा अथॉरिटी के जीएम एसपी सिंह ने कहा कि रोड सेफ्टी के काम जल्द पूरे कराए जाएंगे। डीसीपी ग्रेटर नोएडा शाद मियां खान ने बताया कि पानी की गहराई और जीरो विजिबिलिटी के बावजूद तमाम प्रयास किए गए। अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

 

 

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