Wednesday, March 4

रूसी कच्चे तेल का आयात: अमेरिकी बैन के बावजूद भारत को मिला फायदा, इन कंपनियों ने बढ़ाई खरीद

नई दिल्ली: भारत की कुछ प्रमुख तेल कंपनियों ने रूस से कच्चा तेल खरीद बढ़ा दिया है, भले ही अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों ने रूस से आयात को प्रभावित किया हो। इस माह इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और रोसनेफ्ट से जुड़े नायरा एनर्जी ने रूस से तेल की खरीद में खासा इज़ाफ़ा किया है।

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डेटा एनालिटिक्स कंपनी केप्लर (Kpler) के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में भारत ने रूस से औसतन 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा। यह पिछले वर्ष और 2025 के औसत से लगभग 30% कम है, जबकि दिसंबर 2025 की तुलना में 3% कम है।

इन कंपनियों ने की खरीदी

अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूस से तेल खरीदने वाली कंपनियों की संख्या घट गई है। इस माह केवल इंडियन ऑयल, नायरा एनर्जी और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) ही रूस से तेल खरीद रही हैं।

  • इंडियन ऑयल: लगभग 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन खरीद, जो कुल आयात का 43% है। यह मई 2024 के बाद से सबसे बड़ी खरीद और 2025 के औसत से 64% अधिक है।
  • नायरा एनर्जी: लगभग 471,000 बैरल प्रतिदिन, कुल आयात का 40%, पिछले दो वर्षों में सबसे बड़ी खरीद और 2025 के औसत से 56% अधिक।
  • BPCL: लगभग 200,000 बैरल प्रतिदिन, जबकि पिछले साल औसत 185,000 बैरल था।

रिलायंस और अन्य कंपनियों ने नहीं की खरीद

इस महीने रिलायंस इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), HPCL-मित्तल एनर्जी लिमिटेड और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स ने रूस से कोई तेल नहीं खरीदा।

कीमतों में बढ़ाई गई छूट

कुछ भारतीय और चीनी खरीदारों की घटती दिलचस्पी के कारण रूस ने अपने तेल पर छूट बढ़ा दी है। उद्योग के अधिकारियों के अनुसार, यूराल्स कच्चे तेल पर छूट 5-6 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गई है, जबकि अक्टूबर में अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले यह केवल 2 डॉलर प्रति बैरल थी। इंडियन ऑयल ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए जनवरी में रूस से तेल की खरीद बढ़ा दी।

 

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