Saturday, January 17

केजरीवाल के ‘सेनापति’ को पुलिस ने थाने ले जाकर रोका कोटा के बाजार में ट्रैफिक विवाद ने भड़का सियासी पारा, व्यापारियों ने मोड़ा रुख

 

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कोटा के गुमानपुरा बाजार में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष नवीन पालीवाल और पुलिस के बीच हुई भिड़ंत ने पूरे इलाके का माहौल गर्म कर दिया। नो-पार्किंग के चालान पर शुरू हुआ मामूली विवाद कुछ ही समय में ‘राजकाज में बाधा’ के आरोप तक पहुंच गया और पालीवाल को पुलिस ने थाने ले जाना पड़ा।

 

पुलिस बनाम पालीवाल

 

घटना तब शुरू हुई जब ट्रैफिक पुलिस गुमानपुरा न्यू कॉलोनी क्षेत्र में चालान काट रही थी। पालीवाल, जो खुद कोटा में कार डेकोर का कारोबार करते हैं, वहां पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे। पुलिस का आरोप है कि पालीवाल ने अधिकारियों के साथ तीखी बहस की और सरकारी काम में बाधा डाली। समझाइश के बावजूद जब पालीवाल नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें मौके से उठाकर गुमानपुरा थाने ले लिया।

 

व्यापारियों ने बदल दिया रुख

 

शुरुआत में बाजार के व्यापारियों ने पालीवाल के पक्ष में खड़े होकर पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। लेकिन थाना प्रभारी महेश कारवाल ने उन्हें समझाया कि व्यस्त मार्ग पर जाम और नो-पार्किंग की समस्या गंभीर है। इसके बाद व्यापारी पुलिस के साथ खड़े हो गए और पालीवाल के हस्तक्षेप को अनुचित माना।

 

सियासी रंग भी चमका

 

पुलिस की कार्रवाई ने कोटा की सियासत को भी गरमा दिया। पुलिस इसे केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और राजकाज में बाधा मान रही है, जबकि विपक्ष और कुछ राजनीतिक हलकों में इसे ‘आप नेताओं को निशाना बनाने की कार्रवाई’ के रूप में देखा जा रहा है।

 

आखिरकार छोड़ा गया

 

घंटों चले हंगामे और कानूनी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने पालीवाल को छोड़ा। इस घटना ने न केवल बाजार का माहौल गर्म किया, बल्कि राज्य की सियासत में नए बहस के मुद्दे भी खड़े कर दिए हैं।

 

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