
राजस्थान के चूरू जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। जिस दरगाह को लोग आस्था और सुरक्षा का केंद्र मानते थे, वहीं के मौलवी ने मासूम बच्चे की हत्या कर विश्वासघात की नई परिभाषा गढ़ दी। पुलिस ने 13 साल के नाबालिग मो. आमिर की हत्या के मामले में दरगाह के मौलवी मोहम्मद हुसैन को गिरफ्तार किया है।
विरोध हुआ भारी, नापाक नजरों ने ली जान
डीएसपी सुनील झाझड़िया ने प्रेस वार्ता में बताया कि आमिर का परिवार दरगाह परिसर में ही रहता था। जांच में सामने आया कि आरोपी मौलवी की आमिर की बहन पर गलत नजर थी। जब आमिर ने इस ‘नापाक’ इरादे का विरोध किया और मौलवी को टोकना शुरू किया, तो आरोपी ने मासूम का गला घोंटकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
गला घोंटकर तालाब में फेंका शव
आमिर 4 जनवरी से लापता था। पिता अब्दुला ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। 14 जनवरी को बीहड़ क्षेत्र के गंदे पानी वाले तालाब में आमिर का शव मिला। पुलिस ने साक्ष्यों की कड़ी जोड़ते हुए मौलवी मोहम्मद हुसैन को इस घृणित कृत्य का मुख्य आरोपी पाया। आरोपी ने मासूम का गला घोंटकर हत्या की और शव को तालाब में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की।
पिता को पहले से था शक
मृतक के पिता ने शुरुआत से ही मौलवी पर संदेह जताया था। उनका आरोप था कि मौलवी ने पहले भी आमिर को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।
पवित्र स्थलों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आई, बल्कि पवित्र स्थलों और वहां रहने वाले लोगों के चरित्र पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस अब इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा रहे हैं।