
मिथिलांचल के छह उम्मीदवारों ने मुंबई में दिखाया दम, प्रवासियों की पहचान बनी विजयी चेहरा मुंबई: बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के शिव कुमार झा ने कांदिवली पूर्व (वार्ड 23) से लगातार तीसरी जीत दर्ज कर बीएमसी चुनाव में हैट्रिक पूरी की। मधुबनी जिले के मूल निवासी झा ने इस बार अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी को 5400 से अधिक वोटों के अंतर से हराया। पिछले चुनाव में उनका जीत का अंतर मात्र 2600 वोट था।
शिव कुमार झा मूल रूप से अंधराठाढ़ी प्रखंड के गंगद्वार गांव के रहने वाले हैं। छोटे से गांव से निकलकर मुंबई में राजनीतिक मुकाम हासिल करने वाले झा आज उत्तर भारतीय और मैथिल समुदाय के लिए मजबूत प्रतिनिधि बन चुके हैं। वे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय रहते हैं और अपने पैतृक गांव से जुड़े हैं।
इस बार के बीएमसी चुनाव में झंझारपुर के कुल छह उम्मीदवारों ने मुंबई में जीत हासिल की। मलाड से बिनोद मिश्रा ने 3,800 वोटों के अंतर से विजय पाई। गोरेगांव से राजेश झा ने 2,200 वोटों से जीत हासिल की। कांदिवली वार्ड 160 और 161 में संतोष कुमार मंडल और उमेश राय की जीत हुई। कुर्ला-चांदीवली क्षेत्र में धीरेंद्र मिश्रा ने 1,100 वोटों के अंतर से चुनाव जीता।
विश्लेषकों का कहना है कि कांदिवली, मलाड, गोरेगांव और कुर्ला में उत्तर भारतीय मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिव कुमार झा और अन्य मिथिला उम्मीदवारों की लगातार सफलता यह दर्शाती है कि मुंबई की राजनीति में बिहार के इस क्षेत्र का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
मुंबई में अलग-अलग समुदायों और राज्यों के लोगों के बीच पहचान बनाना आसान नहीं, लेकिन झंझारपुर के इन बेटों ने मेहनत, लगन और जनता से जुड़कर अपनी मजबूत राजनीतिक छवि कायम की है।