
210 टन वजनी ग्रेनाइट से बना 33 फीट ऊंचा ‘सहस्त्रलिंगम’, 10 साल की मेहनत का परिणाम मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार की पावन धरती आज एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक गौरव की गवाह बनी। विराट रामायण मंदिर में विश्व के सबसे विशालकाय शिवलिंग की स्थापना सफलतापूर्वक की गई। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लाकर स्थापित यह 210 टन वजनी काले ग्रेनाइट का शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 33 फीट लंबा है।
विशेष रूप से यह शिवलिंग ‘सहस्त्रलिंगम’ के रूप में तैयार किया गया है, जिस पर 1008 छोटे-छोटे लिंग उकेरे गए हैं, जो इसकी आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं। इसे तराशने में लगभग 10 वर्षों की कड़ी मेहनत लगी है।
शिल्पकारों ने इसे एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से तराशा है, जो इसे मोनोलिथ संरचना बनाता है। दक्षिण भारतीय कला शैली में निर्मित यह शिवलिंग अब उत्तर भारत के सबसे भव्य मंदिरों में से एक की शोभा बढ़ाएगा।
आज विशेष मुहूर्त में इस शिवलिंग की स्थापना के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए गए। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी बने। प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, इस स्थापना के साथ ही मंदिर निर्माण के अगले चरण की शुरुआत हो गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस विशाल शिवलिंग और विराट रामायण मंदिर के साथ पूर्वी चंपारण अब धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है।