
आगरा, अनिल शर्मा: मुगल बादशाह शाहजहां का 371वां उर्स गुरुवार से ताजमहल में शुरू हो गया। मुख्य गुंबद के तहखाने में स्थित शाहजहां-मुमताज की असली कब्रों को इस मौके पर खोला गया। उर्स की शुरुआत गुसल की रस्म यानी कब्रों पर चंदन का लेप चढ़ाकर हुई। इस अवसर पर ASI और उर्स कमेटी ने फूलों की चादर भी चढ़ाई।
तीन दिन तक चलने वाले उर्स में टूरिस्ट और जायरीन इन असली कब्रों को देख सकेंगे। पहले और दूसरे दिन दोपहर 2 बजे से, और तीसरे दिन सुबह से शाम तक दर्शकों को प्रवेश फ्री मिलेगा। उर्स के अंतिम दिन यानी 17 जनवरी को चादरपोशी की रस्म होगी। इस अवसर पर 1720 मीटर लंबी सतरंगी चादर दक्षिणी गेट स्थित हनुमान मंदिर से लेकर मुख्य मकबरे तक धर्मगुरुओं की मौजूदगी में पेश की जाएगी।
ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि उर्स के दौरान कुलशरीफ, कुरानख्वानी और फातिहा पढ़ी जाएगी, और पूरे दिन चादरपोशी और पंखा चढ़ाने की रस्म अदा की जाएगी। यह पर्व सभी धर्मों के लोगों के लिए सर्वधर्म सद्भाव और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।