
जयपुर: भारतीय सेना के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। 78वें सेना दिवस की भव्य परेड के दौरान हेलिकॉप्टर से लॉन्च होने वाली नाग मिसाइल प्रणाली HELINA (हेलीकॉप्टर लॉन्च्ड नाग) का प्रदर्शन किया गया। इस अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम की कमान संभाल रही हैं कैप्टन हंसजा शर्मा, जो थल सेना की पहली रुद्र हेलिकॉप्टर पायलट हैं।
कैप्टन हंसजा शर्मा 251 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन से जुड़ी हैं और उनका यह दायित्व भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता का सशक्त प्रतीक बन गया है।
क्या है HELINA मिसाइल
HELINA भारत द्वारा विकसित एक आधुनिक तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक मिसाइल है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने तैयार किया है। यह मिसाइल रुद्र और प्रचंड जैसे लड़ाकू हेलिकॉप्टरों से दागी जाती है और दुश्मन के टैंकों को लंबी दूरी से तबाह करने में सक्षम है।
‘फायर एंड फॉरगेट’ तकनीक से लैस
HELINA की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ तकनीक है। मिसाइल दागने के बाद पायलट को उसे नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती। यह स्वतः अपने लक्ष्य को पहचानकर उसका पीछा करती है, जिससे पायलट तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में लौट सकता है और जोखिम कम हो जाता है।
दिन-रात और हर मौसम में कारगर
इस मिसाइल में लगा इमेजिंग इन्फ्रारेड सीकर दिन-रात और हर मौसम में दुश्मन के टैंकों को पहचानने और ट्रैक करने में सक्षम है। HELINA सीधे टैंक पर हमला कर सकती है या ऊपर से वार कर टैंक के सबसे कमजोर हिस्से को निशाना बनाती है।
7–8 किलोमीटर तक मारक क्षमता
HELINA की मारक क्षमता 7 से 8 किलोमीटर तक है। यह एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर जैसे मजबूत कवच से लैस टैंकों को भी नष्ट कर सकती है। इसे एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) और लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) से लॉन्च किया जा सकता है।
नाग मिसाइल का उन्नत रूप
HELINA, जमीन से दागी जाने वाली नाग मिसाइल का उन्नत स्वरूप है, जिसे विशेष रूप से हेलिकॉप्टर से लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है। भारतीय वायुसेना के लिए इसके एक अलग संस्करण को ‘ध्रुवास्त्र’ नाम दिया गया है।
कैप्टन हंसजा शर्मा का यह नेतृत्व न केवल भारतीय सेना की तकनीकी शक्ति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि आज की भारतीय महिला अधिकारी हर मोर्चे पर नेतृत्व करने में सक्षम हैं।