
सागर। हिन्दू किन्नरों पर जबरन धर्मांतरण और प्रताड़ना का संभवत: देश का पहला मामला सामने आया है। मोना किन्नर ने इस दबाव और प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी। उनके साथी किन्नर रानी ठाकुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके गुरु किरण नायक उर्फ कलीम खान और उसके कुछ साथी उन्हें नमाज पढ़ने, रोज़ा रखने और जबरन गोमांस खाने के लिए मजबूर करते थे।
रानी ठाकुर ने बताया कि सागर के ‘रंगमहल’ को उनके गुरु ने मस्जिद बना दिया और पिछले दो साल से वे हिन्दू किन्नरों पर मानसिक और शारीरिक दबाव डाल रहे थे। आरोप है कि उन्हें मारने-पीटने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। रानी का कहना है कि मोना किन्नर की मौत सुसाइड नहीं, बल्कि हत्या की आशंका है क्योंकि उस पर लगातार धर्मांतरण का दबाव था। उन्होंने बताया कि इसके सबूत के रूप में उनके पास मोबाइल में रिकॉर्डिंग भी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हिन्दू संगठनों जैसे बजरंग दल और शिवसेना के नेता रानी ठाकुर के साथ मोतीनगर थाने पहुंचे और पुलिस से आरोपी किन्नर गुरु किरण नायक पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
यह मामला न केवल किन्नरों के अधिकारों, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ कानून के लिए भी एक नया मुकाम साबित हो सकता है।