
इंदौर। सुप्रीम कोर्ट ने चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की और उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। कोर्ट ने यह कार्रवाई उनके द्वारा अदालत में गलत हलफनामा पेश करने और फर्जी पॉकेट गवाह पेश करने के मामले में की।
मामला आरोपी अनवर हुसैन से जुड़ा था, जिस पर पुलिस ने चार मामलों के बजाय आठ मामलों का उल्लेख करते हुए अदालत में गलत हलफनामा प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने बताया कि 25 नवंबर को पहले भी पॉकेट गवाह को लेकर मुद्दा उठ चुका था, बावजूद इसके 30 नवंबर को फिर से वही गवाह पेश किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एहसानुद्दीन अमानउल्ला और आर. महादेवन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए निर्देश दिए कि संबंधित थाना प्रभारी को बिना किसी देरी के लाइन अटैच किया जाए और अगले आदेश तक किसी थाने की जिम्मेदारी न सौंपी जाए।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद इंदौर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीआई पटेल को पद से हटा दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2023-24 में दर्ज मामलों में स्टॉक विटनेस और पॉकेट गवाहों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि इंदौर के भंवरकुआ, खजराना, तेजाजी नगर, राजेंद्र नगर जैसे थानों में एक ही व्यक्ति को दर्जनों या सैकड़ों मामलों में गवाह बनाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस कठोर रुख ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।