
नई दिल्ली: डीएमके सांसद दयानिधि मारन द्वारा उत्तर भारत की महिलाओं को लेकर हाल ही में दिए गए बयान ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की महिलाएं “घर में रहकर घरेलू काम करती हैं और नौकरी करने की अनुमति नहीं पातीं।” इस बयान की सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी आलोचना हो रही है।
लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। उत्तर भारत की महिलाएं न केवल घर तक सीमित हैं, बल्कि राजनीति, खेल, कॉर्पोरेट, वायुसेना और अंतरिक्ष में भी देश का नाम रोशन कर रही हैं।
राजनीति में उत्तर भारत की महिलाओं का दबदबा
उत्तर भारत की महिलाओं ने देश की राजनीति में अपनी छाप छोड़ी है। भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी, मायावती, सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी, दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी, वसुंधरा राजे और अन्य अनेक नाम इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर भारत की महिलाएं नेतृत्व में पीछे नहीं हैं।
खेल में उत्तर भारत की बेटियों का लोहा
हरियाणा और उत्तर भारत की महिलाएं ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर भारत का नाम रोशन कर रही हैं। मनु भाकर, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट, और बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल जैसे नाम उत्तर भारत की महिला शक्ति का परिचायक हैं।
कॉरपोरेट की दुनिया में उत्तर भारत की महिलाएं
उत्तर भारत की महिलाएं कॉरपोरेट जगत में भी दम दिखा रही हैं। HCL की चेयरपर्सन रोशनी नादर और ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सवित्री जिंदल इस बात का जीता-जागता उदाहरण हैं कि उत्तर भारत की महिलाएं व्यवसायिक नेतृत्व में भी मजबूत हैं।
रक्षा और वायुसेना में योगदान
भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी, और गैलेंट्री अवॉर्ड विजेता विंग कमांडर दीपिका मिश्रा ने रक्षा क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।
अंतरिक्ष में उत्तर भारत की महिलाओं का कमाल
उत्तर भारत की कल्पना चावला और ISRO की कई प्रमुख वैज्ञानिक, जैसे ऋतु करिधल, ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हाल ही में चंद्रयान-3 मिशन में ऋतु करिधल की नेतृत्व क्षमता ने देश का मान बढ़ाया।
साहित्य और कला में योगदान
साहित्य के क्षेत्र में भी उत्तर भारत की महिलाएं अव्वल हैं। महादेवी वर्मा और पंजाब की कवयित्री अमृता प्रीतम ने अपनी लेखनी से भारत को गौरवान्वित किया।
दयानिधि मारन के बयान के विपरीत, उत्तर भारत की महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं। राजनीति, खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और कॉरपोरेट हर क्षेत्र में इन बेटियों ने देश का नाम ऊँचा किया है और कर रही हैं।