Thursday, February 5

हरियाणा में सस्ते औद्योगिक प्लॉट, मल्टी-स्टोरी फैक्ट्रियां बनेंगी संभव, सरकार इसी माह लाएगी नई औद्योगिक नीति

हरियाणा की नायब सैनी सरकार इस माह नई औद्योगिक नीति पेश करने जा रही है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अधिकारी नीति के ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। नई नीति में उद्योगपतियों को कई रियायतें और छूट दी जाएंगी, जिससे कारोबारियों को जमीन और निर्माण की बाधाओं से राहत मिलेगी।

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वर्तमान में औद्योगिक इकाइयों में 15 मीटर से अधिक ऊँचाई पर निर्माण की अनुमति नहीं थी। नई नीति में यह सीमा पूरी तरह हटा दी जाएगी। उद्योगपति अब मल्टी-स्टोरी फैक्ट्रियां, वेयरहाउस और यूनिट्स अपने प्लॉट के अनुसार ऊपर की ओर विस्तार करते हुए बना सकेंगे। इससे वर्टिकल इंडस्ट्रियल ग्रोथ मॉडल को बढ़ावा मिलेगा और गुरुग्राम, फरीदाबाद, मानेसर, सोनीपत, पानीपत जैसे महंगे इलाकों में बड़े उद्योग स्थापित करना आसान होगा।

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य उद्योगों को जमीन की कमी और नियमों की जकड़न से मुक्त करना है। एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को पूरी तरह ओपन कर दिया गया है। इससे उद्योगपति अपने प्लॉट के अनुसार जितनी मंजिलें चाहें, उतनी बना सकेंगे। यह सुविधा ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग से जुड़े उद्योगों के लिए फायदेमंद होगी।

नई नीति में साइड में खाली जगह छोड़ने की बाध्यता भी समाप्त कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम हरियाणा को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए और अधिक आकर्षक बनाएगा।

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