
लोकसभा में बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन को लेकर हंगामा जारी रहा। इसी बीच कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और नेता विपक्ष राहुल गांधी आमने-सामने आ गए, जहां दोनों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।
राहुल गांधी ने बीजेपी सांसद को ‘गद्दार दोस्त’ बताया, तो रवनीत सिंह बिट्टू ने पलटवार करते हुए कहा कि वह देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं रखते। बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा। बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा के लिए चुना और वे एनडीए के तीसरे कार्यकाल में रेल और खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री बने। बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत बेअंत सिंह के पोते हैं। 2009, 2014 और 2019 में वे कांग्रेस के टिकट पर लुधियाना से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं।
क्यों छोड़ी थी कांग्रेस
कांग्रेस छोड़ते समय बिट्टू ने कहा था कि पार्टी भ्रम और अराजकता का सामना कर रही है और मौजूदा परिदृश्य में सही दिशा नहीं ले पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है, जिसे हमेशा राष्ट्र विरोधी ताकतों का खतरा रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही भाजपा राष्ट्रवादी एजेंडे को आगे बढ़ा सकती है।
लोकसभा हंगामे और राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह घटना दो नेताओं के बीच बढ़ते तनाव का नया संकेत मानी जा रही है।