Thursday, February 5

अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार, करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सिद्दीकी को अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया।

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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सिद्दीकी पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप हैं। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियाँ सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

यूनिवर्सिटी पहले भी कई केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में रही है। आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक मामले में विश्वविद्यालय के कुछ मेडिकल स्टाफ की भूमिका उजागर हुई थी। इस मामले में एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने विश्वविद्यालय से जुड़े दो डॉक्टरों मुजम्मिल अहमद गनई और शाहीन सईद को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, लाल किले विस्फोट मामले में दोषी ठहराए गए डॉ. उमर का नाम भी इसी संस्थान से जुड़ा बताया गया था।

शैक्षणिक मान्यता को लेकर भी विश्वविद्यालय पर कई सवाल उठे हैं। नवंबर 2025 में नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ने कथित फर्जी एक्रेडिटेशन दावों को लेकर विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके बाद यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को भी ऑफलाइन कर दिया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी संस्थान की फंडिंग और मेडिकल स्टाफ से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू करने की बात कही थी।

जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित करने के लिए NAAC और UGC से मान्यता प्राप्त होने का झूठा दावा किया। UGC ने स्पष्ट किया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने UGC एक्ट की धारा 12(B) के तहत मान्यता के लिए कभी आवेदन नहीं किया था, इसके बावजूद इसका प्रचार कर आर्थिक लाभ उठाने की कोशिश की गई।

जांच एजेंसियां इस मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।

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