
हरियाणा के नूंह जिले में एक मुस्लिम युवती ने दलित युवक से प्रेम विवाह किया है और अब उसने सुरक्षा की मांग करते हुए प्रशासन से मदद मांगी है। युवती नजराना ने आरोप लगाया है कि उनके विवाह के बाद युवक के परिवार को सामाजिक बहिष्कार और दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें गांव पाटला शाहपुरी छोड़ना पड़ा।
नजराना ने बताया कि उनकी शादी मोहित से पूरी सहमति और इच्छा से हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी उम्र कानूनी रूप से पूरी है और कोर्ट में उनका बयान दर्ज हो चुका है। युवती ने आरोप लगाया कि उनके परिवार ने गलत जन्म प्रमाण पत्र पेश कर उन्हें गलत रूप में प्रस्तुत किया।
नजराना ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि विधायक मामन खान उनके रिश्तेदार हैं, लेकिन वह अपने पति मोहित और उसके परिवार को डराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मोहित और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और उन्हें सुरक्षित रूप से गांव वापस बसाया जाए।
हालांकि, तहसीलदार और एसडीएम ने गांव का दौरा कर लोगों से बातचीत की। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि गांव में किसी प्रकार का सामाजिक बहिष्कार या दबाव का माहौल नहीं है। एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।