
गाजियाबाद में प्रस्तावित हरनंदीपुरम टाउनशिप योजना को गति देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं। परियोजना को तय समय पर धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जीडीए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए प्रत्येक जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी को 40-40 खसरा नंबर सौंप दिए हैं।
इन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित किसानों से सीधे संवाद कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाएं। उनका प्रमुख कार्य किसानों की शंकाओं और आशंकाओं का समाधान करना, उन्हें योजना की जानकारी देना तथा भूमि देने की लिखित सहमति प्राप्त करना होगा।
गांव-गांव पहुंच रही जीडीए की टीम
आदेश जारी होते ही जॉइंट सेक्रेटरी और उनकी टीम फील्ड में सक्रिय हो गई है। अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठकें कर रहे हैं, ताकि भूमि अधिग्रहण में आ रही अड़चनों को दूर किया जा सके और योजना में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
भूमि अधिग्रहण का ताजा स्टेटस
हरनंदीपुरम योजना के लिए आवश्यक भूमि को लेकर बैनामा (रजिस्ट्री) और सहमति की प्रक्रिया समानांतर रूप से चल रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि का बैनामा सीधे जीडीए के पक्ष में हो चुका है। वहीं, लगभग 150 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर किसानों की सहमति प्राप्त हो चुकी है।
प्राधिकरण की रणनीति है कि अधिक से अधिक भूमि का अधिग्रहण सीधे बैनामे के माध्यम से किया जाए, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी रहे।
अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी टाउनशिप
जीडीए की योजना हरनंदीपुरम को आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त एक सुव्यवस्थित टाउनशिप के रूप में विकसित करने की है। इसके अंतर्गत आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित किया जाएगा।